साथ मिलकर कहानी रचना · मज़ेदार कहानी
बहुत अदब से बात करने वाला फ्रिज
सुबह आँख खुली तो फ्रिज बहुत अदब से मुझसे बातें कर रहा था।
जितना यह बात से बाहर होगा, उतना ही अच्छा चलेगा, इसलिए पहला वाक्य भी बड़ी बेतकल्लुफ़ी से रखा गया है।
इसे जितने गंभीर लहजे में लिखोगे, यह उतना ही मज़ेदार बनेगा—यही इस पन्ने का मज़ा है।
ऐसे करें
- सबसे ऊपर के दो वाक्य पढ़ो और आगे लिखो कि फ्रिज ने क्या कहा होगा।
- यह मत सोचो कि बात समझ में आती है या नहीं, बस उसे आगे बढ़ाते जाओ।
- कई लोग हों तो एक-एक पंक्ति बारी-बारी से लिखने पर कहानी और भी अजीबोगरीब बनती है।
- दूसरे पन्ने तक लिखते जाओ और अंत में ज़ोर से पढ़ो।
कब · किसके साथ
कई लोग घेरा बनाकर बैठें तो यह खास तौर पर अच्छी तरह चलता है। तुम अकेले लिखते-लिखते अकेले हँसो, तब भी मज़ा है।


