दो लोगों के गहरे सवाल
आमने-सामने बैठकर बारी-बारी, थोड़ा और गहराई से
ये उनतालीस कार्ड हैं, जिन्हें दो लोग आमने-सामने बैठकर बारी-बारी से निकालते हैं।
इनमें एक परत भीतर जाकर पूछा जाता है—इन दिनों तुम्हें क्या मुश्किल लग रहा है, और तुम अपने आप से अक्सर कौन-सी कठोर बातें कहते हो।
जितना रिश्ता पुराना होता है, उतनी ही ऐसी बातें होती हैं जो पहले कभी पूछी नहीं गईं, इसलिए हमने इतने कार्ड रखे हैं कि जवाब खुलकर लंबे हो सकें।
ऐसे करें
- कार्ड काटकर मिला लें और आमने-सामने बैठें।
- बारी-बारी से एक-एक कार्ड निकालकर सामने वाले को पढ़कर सुनाएँ।
- जब एक व्यक्ति जवाब दे रहा हो, तो बीच में कुछ न कहें और अंत तक सुनें।
- अगर तुम और सुनना चाहो, तो उससे थोड़ा और बताने के लिए कह सकते हो।
कब · किसके साथ
ये कार्ड उन दो लोगों के लिए हैं जो प्रेमी-प्रेमिका, पति-पत्नी या पुराने दोस्तों की तरह आमने-सामने बैठते हैं। इनके लिए फुर्सत वाली रात सबसे अच्छी है।
दो लोगों के गहरे सवाल
- आजकल
- मैं
- सुकून
- दिन
- मन की बात
- तारीफ़
- साथ
- मोड़
- बचपन
- याद
- आराम
- माफ़ी
- हिम्मत
- जोश
- सीख
- जगह
- एक बात
- अभी
- दूरी
- सुकून
- दोहराव
- हवा
- माफ़ी
- मुश्किल दौर
- अकेले
- हम
- मज़ाक
- सीमा
- बदलाव
- शुक्रिया
- कसक
- सपना
- शरीर
- पैसा
- परिवार
- टकराव
- फिर से जुड़ना
- वादा
- अगला कदम


