समय को शब्दों में बाँटना
समय की बातें, बोलने के बजाय लिखकर
यह बिना बोले, बारी-बारी से लिखकर की जाने वाली बातचीत है।
इस कागज़ का विषय ‘समय’ है। समय तेज़ी से बीतता है या धीरे, इस सवाल से लेकर, अगर एक घंटा और मिल जाए तो तुम क्या करोगे, यहाँ तक बातचीत आगे बढ़ती है।
ऐसे करें
- तय करो कि कोई आवाज़ नहीं निकालोगे।
- ① से शुरू करके क्रम से पढ़ो और बाईं·दाईं पंक्तियों में बारी-बारी से एक-एक पंक्ति लिखो।
- जब सामने वाला लिख रहा हो, तो जल्दी मत कराओ और इंतज़ार करो।
- सब लिख लेने के बाद, शुरुआत से साथ में पढ़ो।
कब · किसके साथ
इसे आमने-सामने बैठे दो लोग करते हैं। जो बातें बोलते समय आवाज़ ऊँची हो जाती है, उनके लिए यह खास तौर पर अच्छी है।
‘समय’ को देखने वाले तीन सवाल
- इन दिनों तुम्हारा दिन जल्दी बीतता है या धीरे?
- क्या कभी तुम्हें लगा है कि किसी काम में समय बरबाद हो गया?
- अगर दिन में एक घंटा और बढ़ जाए, तो तुम क्या करना चाहोगे?


