आज पहुँचाया गया आभार
लिखने के बाद सचमुच देने के लिए आभार-पत्र
यह वह पत्र है जिसमें तुम अपना आभार लिखते हो और वहीं यह भी तय करते हो कि उसे कैसे पहुँचाना है।
जिसे यह पत्र मिलेगा, उसका नाम पहले लिखकर शुरू करने से वाक्य केवल मन की बात बनकर नहीं रह जाते।
नीचे यह तय करने की जगह है कि इसे कैसे और कब देना है, और देने के बाद निशान लगाने की भी जगह है।
ऐसे करें
- ऊपर की पंक्ति में उस व्यक्ति का नाम और वह बात लिखो जिसके लिए तुम आभारी हो।
- बीच की खाली जगह में जो कहना चाहते हो, उसे पत्र की तरह लिखते जाओ।
- सब लिख लेने पर चुनो कि इसे कैसे देना है और वह दिन लिखो जिस दिन देने का फैसला किया है।
- वास्तव में दे देने के बाद आखिरी खाने में निशान लगाओ।
कब · किसके साथ
यह उन दिनों के लिए है जब तुम्हें किसी ऐसे व्यक्ति का ख़याल आए, जिसे तुम धन्यवाद कहना चाहते हो। तुम इसे अकेले लिखते हो, लेकिन अंत उस व्यक्ति के सामने करते हो।
आज पहुँचाया गया आभार
- जिसे देना है
- आभार मानने की बात
- कैसे पहुँचाओगे
- पहुँचाने का तय दिन


