शास्त्रीय ग्रंथ अनुलेखन · 菜根譚 (Caigentan)
कोशिश करते-करते थके मन तक पहुँचने वाले अंश
इस नाम का अर्थ है「सब्ज़ी की जड़ चबाने की कहानी」। यह सादगी को लंबे समय तक चखने का स्वाद बताता है।
यह पद छोड़ चुके व्यक्ति द्वारा लिखी गई रचना है, इसलिए इसमें पीछे हटने और सहने के बारे में बहुत कुछ कहा गया है।
ऐसे करें
- हर पन्ने पर एक अंश; पहले शास्त्रीय चीनी मूल पाठ को आँखों से पढ़ो।
- पठन की ध्वनि का अनुसरण करते हुए मूल पाठ को ज़ोर से पढ़ो, फिर उसका हिंदी अर्थ धीरे-धीरे समझो।
- एक शब्द की व्याख्या और छोटा-सा सवाल पढ़कर, अपने जीवन से जुड़ने वाली बात याद करो।
- खाली पंक्तियों में हाथ से उतारकर लिखो और उस वाक्य को थामकर देखो जो आज तुम्हारे मन में रह जाता है।
कब · किसके साथ
यह उन दिनों के लिए अच्छा है जब मन में बहुत शोर हो। हर पन्ने पर धीरे-धीरे आगे बढ़ना बेहतर है।
菜根譚 (Caigentan) से चुना गया अंश
- शांत स्थान में पाई गई शांति सच्ची शांति नहीं है। हलचल के बीच पाई गई शांति ही सच्ची होती है। / डगमगाहट के बीच भी तुम कौन-सी शांति बनाए रखना चाहते हो?
- दुनिया में जीते हुए एक कदम पीछे हटना ही ऊँचाई है। / आज एक कदम पीछे हटकर तुम कहाँ और ऊँचे उठ सकते हो?
- दूसरों के साथ पेश आते समय थोड़ा उदार होना ही सौभाग्य है। / तुम किसी के प्रति किस बात में एक पैसा और उदार हो सकते हो?
- दुख के बीच भी मन को प्रसन्न करने वाला आनंद सदा मिलता है। / दुख के बीच भी तुम्हारे भीतर बची हुई छोटी-सी खुशी क्या है?
- यदि मन का आधार उजला हो, तो अँधेरे कमरे में भी नीला आकाश होता है। / अँधेरे कमरे में भी तुम्हारे मन में बचा हुआ नीला आकाश क्या है?
- जब किसी ऐसे व्यक्ति से मिलो जिसकी राह रुक गई हो और हालात तंग हों, तो उसके शुरुआती मन को समझने की कोशिश करो। / किसी परेशान व्यक्ति को देखकर, सबसे पहले उसके उस शुरुआती मन में क्या समझना चाहोगे?
- जो तुम्हारी इच्छा के अनुसार न हो, उसकी चिंता मत करो; जो मन को भाए, उस पर खुश मत हो। / जब चीज़ें तुम्हारी इच्छा के अनुसार हों या न हों, तो कम विचलित होने के लिए तुम्हें क्या याद रखना चाहिए?
- अनुग्रह और अपमान से विचलित मत हो। / प्रशंसा और निंदा के सामने विचलित न होने के लिए तुम्हें कौन-सी बात थामे रखनी चाहिए?
- मित्रता करते समय तीन अंश वीरता का भाव साथ रखना चाहिए। / अपने मित्र के लिए तुम्हें किस बात में थोड़ा आगे बढ़कर मदद करनी चाहिए?
- व्यस्त समय में अपने मन को विचलित न होने देने के लिए, फुर्सत में ही अपने मन और आत्मा को निर्मल बना लो। / व्यस्त समय में न डगमगाने के लिए खाली समय में तुम्हें कौन-सा मन विकसित करना चाहिए?


