शास्त्रीय ग्रंथ अनुलेखन · 明心寶鑑 (Mingxin Baojian)
पहली बार पढ़ने वालों के लिए सबसे सहज अंश
इस पुस्तक के नाम का अर्थ है—「मन को उजाला देने वाला अनमोल दर्पण」।
मूल रूप से इसे पुरानी पुस्तकों से अच्छे कथन चुनकर संकलित किया गया था, इसलिए यह शुरू से ही उतारकर लिखने के लिए उपयुक्त है।
जोसॉन के बच्चे इसे हज़ार अक्षर वाली पाठ-पुस्तक के बाद पढ़ते थे, इसलिए इसके वाक्य छोटे और अर्थ सीधे हैं।
ऐसे करें
- हर पन्ने पर एक अंश; पहले शास्त्रीय चीनी मूल पाठ को आँखों से पढ़ो।
- पठन की ध्वनि का अनुसरण करते हुए मूल पाठ को ज़ोर से पढ़ो, फिर उसका हिंदी अर्थ धीरे-धीरे समझो।
- एक शब्द की व्याख्या और छोटा-सा सवाल पढ़कर, अपने जीवन से जुड़ने वाली बात याद करो।
- खाली पंक्तियों में हाथ से उतारकर लिखो और उस वाक्य को थामकर देखो जो आज तुम्हारे मन में रह जाता है।
कब · किसके साथ
अगर शास्त्रीय लेखन पहली बार उतारकर लिख रहे हो, तो यहीं से शुरू करो। इसे बच्चे के साथ पढ़ना भी अच्छा रहेगा।
明心寶鑑 (Mingxin Baojian) से चुने हुए अंश
- जो व्यक्ति अच्छे कर्म करता है, उसे स्वर्ग सुख देकर उसका प्रतिफल देता है। / आज तुम चुपचाप कौन-सा अच्छा काम कर सकते हो?
- अगर एक दिन भी मन में भलाई न रखो, तो हर तरह की बुराई अपने-आप जन्म लेती है। / दिन की शुरुआत में तुम कौन-सी अच्छी भावना सँभालकर रखना चाहते हो?
- आकाश का जाल बहुत विशाल है, जाल की गाँठें ढीली हों, फिर भी कुछ उससे बचकर नहीं निकलता। / जब कोई नहीं देख रहा हो, तब भी तुम्हें कौन-सा काम करते रहना चाहिए?
- जो संतोष जानता है, वह हमेशा संपन्न रहता है और इस तरह जीवन के अंत तक अपमानित नहीं होता। / अभी तुम्हें किस जगह संतोष सीखना चाहिए?
- एक क्षण का क्रोध सह लो, तो सौ दिनों की चिंता से बच जाओगे। / उस क्षणिक क्रोध को गुजर जाने देने के लिए आज तुम्हें कौन-से शब्द रोक लेने चाहिए?
- उपकार करो, बदले की आशा मत रखो। / बदले में कुछ पाए बिना तुम कौन-सा छोटा-सा उपकार कर सकते हो?
- जब मैं अपने माता-पिता की सेवा करता हूँ, तो मेरे बच्चे भी मेरी सेवा करेंगे। / जिस भावना को तुमने देखकर सीखा है, उसे आज कैसे आगे बढ़ा सकते हो?
- घर में मेल हो तो हर काम पूरा हो जाता है। / घर में मेल बनाए रखने के लिए तुम सबसे पहले कौन-सी बात कह सकते हो?
- अच्छी दवा मुँह में कड़वी होती है, और सच्ची बात कानों को चुभती है। / कान को चुभे, फिर भी कौन-सी बात तुम्हें स्वीकार करनी चाहिए?
- बिना तराशे जेड पत्थर से पात्र नहीं बनता; बिना सीख के इंसान सही मार्ग नहीं जानता। / अपने को निखारने वाली सीख में अभी तुम्हें किस बात को थामे रखना चाहिए?
- ऐसे सीखो मानो अभी पहुँचे नहीं हो, और जो सीख लिया है उसे खो देने से ऐसे डरो जैसे वह हाथ से निकल जाएगा। / वह कौन-सी सीख है जिसे खो देने के डर से तुम सँभालकर रखना चाहते हो?
- जो मनुष्य नहीं सीखता, वह घने अँधेरे में रात को चलने जैसा है। / अँधेरी रात की राह जैसी किसी बात को उजागर करने के लिए तुम्हें क्या सीखना चाहिए?


