यादों का नक्शा
बचपन के उस मोहल्ले को केवल यादों से
यह बचपन में जहाँ रहते थे, उस मोहल्ले या घर का नक्शा केवल यादों से बनाने का कागज़ है।
मकसद सटीक नक्शा बनाना नहीं है, इसलिए कागज़ पर कोई रेखा नहीं दी गई है।
जगहें बनाते-बनाते भूली हुई कहानियाँ भी साथ बाहर आने लगती हैं।
ऐसे करें
- पहले, जो जगह याद आती है उसमें से एक को कागज़ के बीच में बनाओ।
- उसके पास गलियों, दुकानों और जो कुछ याद आता है, उन्हें एक-एक करके जोड़ो।
- खुशबू या आवाज़ जैसी दिखाई न देने वाली चीज़ों को भी शब्दों में लिखकर रखो।
- सब बना लेने पर, अपनी उँगली से रास्ते पर चलते हुए उस रास्ते पर हुई बातें याद करने की कोशिश करो।
कब · किसके साथ
तुम इसे अकेले भी बना सकते हो, या माता-पिता अथवा दादा-दादी अपनी-अपनी रेखाएँ बनाकर उन्हें साथ रखकर बातें कर सकते हैं।


