हर दिन एक पंक्ति का लेखा
दिन के अंत में, आज का दिन सिर्फ़ एक पंक्ति में
यह दिन को सिर्फ़ एक पंक्ति में दर्ज करने वाली जर्नल है।
छह दिनों का लेखा एक पन्ने पर है, और हर दिन के लिए तारीख की एक रेखा और लिखने की एक पंक्ति दी गई है।
लंबा लिखने की जगह जान-बूझकर नहीं दी गई है। एक पंक्ति में समेटते समय दिन और साफ़ दिखाई देने लगता है।
ऐसे करें
- सोने से पहले आज की तारीख लिखो।
- उसके नीचे की एक पंक्ति में आज के दिन को एक वाक्य में दर्ज करो।
- कविता की तरह लिखना ज़रूरी नहीं। एक पंक्ति अपने आप में कविता बन जाती है।
- छह दिन पूरे हो जाएँ, तो उन छह पंक्तियों को जोड़कर पढ़ो।
कब · किसके साथ
यह अकेले लिखने वाली रात की जर्नल है। जिन दिनों पूरा दिन धुंधला-सा याद रहे, उन दिनों यह ख़ास तौर पर अच्छी लगती है।
हर दिन के लिए दी गई एक पंक्ति
- पहला दिन
- दूसरा दिन
- तीसरा दिन
- चौथा दिन
- पाँचवाँ दिन
- छठा दिन


